Sunday, February 9, 2014

आम आदमी की समस्या कितना हल कर सकता है सि.एन.जी. के घटते दाम?

सुनने मे आया है की सि.एन.जी. की कीमत पर 15/- रुपये प्रति लीटर तक की भारी गिरावट लाई है देल्ही मे केजरीवाल सरकार ने! भाई साहब बहुत खूब, लेकिन इससे फयडा किसे होगा, सि.एन.जी से चलाने वाले कार वालों को, ऑटो वालों को या आम जनता को? सि.एन.जी की इस कीमत से अब ऑटो का किराया मे कम से कम 50% तक की गिरावट आनी चाहिए, वहीं पब्लिक बस की किराया मे कम से कम 40% तक की कमी होनी चाहिए! लेकिन ऐसा क्या होगा? एक बहुत बड़ा प्रश्ना है क्यूँ की आज तक किराया सिर्फ़ बढ़ा है, कम नही हुवा!

आम जनता को चैन तब ही आयगा जब ऑटो और बसों की बढ़ी हुवी किराया कम होगा! आम जनता को तभी चैन आयगा जब महीने की कमाई मे से वो कुछ बचा कर भविष्या के लिए रख सके! आम आदमी के पास ना तो स्विश बॅंक है और ना ही वो किसी राजनीतिक पार्टी मे शामिल है, फिर वो अपना भविष्या बनाए तो कैसे? उसका सबसे बड़ा दुश्मन बढ़ती महनगाई है!

केज़िरवाल जी आप अगर यह सोच रहे है की सिर्फ़ सि.एन.जी का दाम कम करने से समस्या का संधान हो गया, तो आप ग़लत है क्यूंकी समस्या का समाधान तो तब होगा जब इसका असर आम आदमी के जीवन मे दिखाई देगा! जब एक आम आदमी 100/- की कमाई मे भी कुछ रुपये आने वाले कल के लिए बचाने मे सकच्छम होगा!