Sunday, December 29, 2013

Kash Ye Jivan Bhi Ek Computer Hota

कास ये जीवन भी इक कंप्यूटर होता,
Save कर लेते हर हसीन लम्हों को,
और delete कर देते हर गमों को!
ख्वाब जो खूबसूरत होता तो...
हम उसे भी zoom कर लेते!

कास ये जीवन भी इक कंप्यूटर होता,
किसी की याद मे, पलकें जो नम जातीं,
अपनों के संग, बीतें दिनों की छवि से,
अपनी ही साँस जब थम जातीं,
उन छवि को दुबारा हम view कर लेते!

कास ये जीवन भी इक कंप्यूटर होता,
बढ़ने लगती जो हमारे दरमियाँ..
अपनों की ही ये दूरियाँ!
उन दूरियों का भी हम अपने..
मन के desktop पे shortcut बना लेते!

कास ये जीवन भी इक कंप्यूटर होता,
रिश्ते जो हमे ना पसंद होता,
उसे हम rename कर लेते!
चीज़ें जो मन को लुभा जातीं,
Copy कर अपने पास भी archive कर लेते!

कास ये जीवन भी इक कंप्यूटर होता,
बीते कल के गमों से,
साँसें जब रुकने लगती और..
गुज़रे पल का एहसाह जब होता,
अफ़सोस हम किस बात पे करते?
कास ये जीवन भी इक कंप्यूटर होता,
तो हम इसे भी restart कर लेते!